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वर्ष 1977 में पंचायती राजव्यवस्था की समीक्षा के लिए गठित समिति की मध्यस्थता किसने की थी?

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asked in राजनीतिक शास्त्र by
बलवंत राय मेहता
अशोक मेहता
कैलाश नाथ काटजू
जगजीवन राम

1 Answer

answered by
अशोक मेहता

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8. निम्नलिखित अवतरण को पढ़े और इसके आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उतर दें :भारत की दलगत राजनीति ने कई चुनौतियों का सामना किया हैं | कांग्रेस -प्रणाली ने अपना खात्मा ही नही किया बल्कि कांग्रेस के जमावड़े के बिखर जाने से आत्म -प्रतिनिधित्व की नयी प्रव्रीती का भी जोर बढ़ा | इससे दलगत व्यवस्था और विभिन्न हितों की समाई करने की इसकी क्षमता पर भी सवाल उठे | राजव्यवस्था के सामने एक महत्वपूर्ण काम एक ऐसी दलगत व्यवस्था खडी करने अथवा राजनीतिक दलों को गढने की है ,जो कारगर तरीके से विभिन्न हितों को मुखर और एकजुट करें ....(क) इस अध्याय को पढने के बाद क्या आप दलगत व्यवस्था की चुनौतियों की सूची बना सकते हैं?(ख) विभिन्न हितों का समाहार और उनमे एकजुटता का होना क्यों जरूरी है |(ग) इस अध्याय में आपने अयोध्या विवाद के बारे में पढ़ा | इस विवाद ने भारत के राजनीतिक दलों की समाहार की क्षमता के आगे क्या चुनौती पेश की ? 

1 answer asked May 11, 2019 in political-science by anonymous

चुनाव व्यवस्था में आमूल सुधार
चुनाव में अपराधी तत्त्वों की वृद्धि पर प्रतिबंध
राज्य द्वारा निर्वाचन के लिए वित्तीय सहायता
चुनाव में काले धन के बढ़ते प्रभाव पर रोक
1 answer asked Feb 11, 2019 in राजनीतिक शास्त्र by anonymous

तीसरा राज्य वास्तविक समझौता वार्ता में भाग लेता है।
तीसरा राज्य वास्तविक समझौता वार्ता में भाग नहीं ले सकता।
उपरोक्त दोनों
इनमें से कोई नहीं
1 answer asked Feb 11, 2019 in राजनीतिक शास्त्र by anonymous
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