केरल बाढ़ के बाद जब लोग अपने घरों को लौट रहे हैं तो उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है? आपके पास उनके लिए कोई सुझाव हैं?

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निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों बहुत घुटन है बंद घरों में , खुली हवा तो आने दो , संशय की खिड़कियाँ खोल , किरनों को मुस्काने दो । ऊँचे - ऊँचे भवन उठ रहे , पर आँगन का नाम नहीं , चमक - दमक , आपा - धापी है , पर जीवन का नाम नहीं । लौट न जाए सूर्य द्वार से , नया संदेशा लाने दो । हर माँ अपना राम जोहती , कटता क्यों वनवास नहीं । मेहनत की सीता भी भूखी , रुकता क्यों उपवास नहीं । बाबा की सूनी आँखों में चुभता तिमिर भागने दो । हर उदास राखी गुहारती , भाई को वह प्यार कहाँ ? डरे - डरे रिश्ते भी कहते , अपनों का संसार कहाँ गुमसुम गलियों को मिलने दो , खुशबू तो बिखराने दो । q ansक ) गन का नाम नहीं - पंक्ति का आशय स्पष्ट ख ) ग ) घ ) ङ ) ऊँचे - ऊँचे भवन उठ रहे , पर आँगन का नाम नहीं - पक्ति का कीजिए । सूर्य द्वार से ही क्यों लौट जाएगा ? आज रिश्तों के डरे - डरे होने का कारण आप क्या मान

0 answers asked May 14, 2019 by anonymous
बहुत घुटन है बंद घरों में, खुली हवा तो आने दो,संशय की खिड़कियाँ खोल, किरनों को मुस्कान दोऊँचे-ऊँचे भवन उठ रहे, पर आँगन का नाम नहीं,चमक-दमक, आपा-धापी है, पर जीवन का नाम नहींलौट न जाए सूर्य द्वार से, नया संदेश लेने दो।हर माँ अपना राम जोहती, कटता क्यों वनवास नहींमेहनत की सीता भी भूखी, रुकता क्यों उपवास नहीं ।बाबा की सूनी आँखों में चुभता तिमिर भागने दो ।हर उदास राखी गुहारती, भाई का वह प्यार कहाँ ?डोडरे रिश्ते भी कहते, अपनों का संसार कहाँ ?गुमसुम गलियों को मिलने दो, खुशबू तो बिखराने दो(क)ऊँचे-ऊँचे भवन उठ रहे, पर आँगन का नाम नहीं - पंक्ति का आशय स्पष्टकीजिए।(ख) सूर्य द्वार से ही क्यों लौट जाएगा?(ग) आज रिश्तों के डरे-डरे होने का कारण आप क्या मानते हैं ?(घ) तिमिर शब्द का अर्थ लिखिए ।(ड) कवि ने क्या संदेश दिया है?​

0 answers asked May 13, 2019 by anonymous
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