देश के किसी राज्य विधायिकी की प्रथम महिला विधायिका

0 votes
18 views
asked in India by

Your answer

Your name to display (optional):
Privacy: Your email address will only be used for sending these notifications.

Related questions

6. बुनियादी ढाँचे के सिद्धांत के बारे में सही वाक्य को चिन्हित करें | गलत वाक्य को सही करें | (क) संविधान में बुनियादी मान्यताओं का खुलासा किया गया है। (ख) बुनियादी ढाँचे को छोड़कर विधायिका संविधान के सभी हिस्सों में संशोधन कर सकती है। (ग) न्यायपालिका ने संविधान के उन पहलुओं को स्पष्ट कर दिया है जिन्हें बुनियादी ढाँचे के अंतर्गत या उसके बाहर रखा जा सकता है। (घ) यह सिद्धांत सबसे पहले केशवानंद भारती मामले में प्रतिपादित किया गया है।(ड) इस सिद्धांत से न्यायपालिका की शक्तियाँ बढ़ी हैं। सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी बुनियादी ढाँचे के सिद्धांत को स्वीकार कर लिया है।

1 answer asked May 11, 2019 in political-science by anonymous
5.निम्नलिखित वाक्यों में कौन-सा वाक्य विभिन्न संशोधनों के संबंध में विधायिका और न्यायपालिका के टकराव की सही व्याख्या नहीं करता- (क) संविधान की कई तरह से व्याख्या की जा सकती है (ख) खंडन-मंडन/बहस और मतभेद लोकतंत्र के अनिवार्य अंग होते हैं। (ग) कुछ नियमों और सिद्धांतों को संविधान में अपेक्षाकृत ज्यादा महत्त्व दिया गया है। कतिपय संशोधनों के लिए संविधान में विशेष बहुमत की व्यवस्था की गई है। (घ) नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी विधायिका को नहीं सौंपी जा सकती। (ड) न्यायपालिका केवल किसी कानून की संवैधानिकता के बारे में फैसला दे सकती है। वह ऐसे कानूनों की वांछनीयता से जुड़ी राजनीतिक बहसों का निपटारा नहीं कर सकती।

1 answer asked May 11, 2019 in political-science by anonymous

ऊपरी और प्रबल सदन है
ऊपरी और निर्बल सदन है
निचला और प्रबल सदन है
निचला और शक्तिहीन सदन है
1 answer asked Feb 11, 2019 in राजनीतिक शास्त्र by anonymous
Made with in Patna
...