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ऊपर से नीचे बहता हूँ, हर बर्तन को अपनाता हूँ, देखो मुझको गिरा न देना वरना कठिन हो जाएगा भरना।

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बारिश का पानी

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प्र2.निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-हँस लो दो क्षण खुशी मिली गर,उगता-लता रहता सूरज,वरना जीवन-भर क्रंदन है।किसका साथी नील गगन है।किसका जीवन हँसी-खुशी में,यदि तुमको मुसकान मिली तोइस दुनिया में रहकर बीता ?मुसकाओ सबके संग जाकरसदा-सर्वदा संघर्षों को,यदि तुमको सामर्थ्य मिला तोइस दुनिया में किसने जीता ?थामो सबको हाथ बढ़ाकरखिलता फूल म्लान हो जाताझाँको अपने मन-दर्पण मेंहँसता-रोता चमन-चमन है।प्रतिबिंबित सबका आनन है।कितने रोज चमकते तारें।कितने रह-रह गिर जाते हैं ?हँसता शशि भी छिप जाता,जब सावन-घन घिर आते हैं।(क) कवि दो eण के लिए मिली खुशी पर हँसने के लिए क्यों कह रहा है ?(ख) कविता में संसार की किस वास्तविकता को प्रस्तुत किया गया है?(ग) व रपष्ट कीजिए. “को अपने मन दर्पण में प्रतिबिंबित सबका आनन है।"(घ) संघर्ष, साम ( का वर्ण-विछेद कीजिए)(च) काव्यांश के लिए उपयुत

0 answers asked May 27, 2019 by anonymous
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