बॉलीवुड के फ़िल्म निर्माताओं ने हमेशा हिंदी की बजाय उर्दू को प्राथमिकता क्यों दी?

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3. संविधान सभा की बहसों को पढ़ने और समझने के बारे में नीचे कुछ कथन दिए गए हैं -   (अ) इनमें से कौन-सा कथन इस बात की दलील है कि संविधान सभा की बहसें आज भी प्रासंगिक हैं? कौन-सा कथन यह तर्क प्रस्तुत करता है कि ये बहसें प्रासंगिक नहीं हैं। (ब) इनमें से किस पक्ष का आप समर्थन करेंगे और क्यों? (क) आम जनता अपनी जीविका कमाने और जीवन की विभिन्न परेशानियों के निपटारे में व्यस्त होती है। आम जनता इन बहसों की कानूनी भाषा को नहीं समझ सकती। (ख) आज की स्थितियाँ और चुनौतियाँ संविधान बनाने के वक्त की चुनौतियों और स्थितियों से अलग हैं। संविधान निर्माताओं के विचारों को पढ़ना और अपने नए जमाने में इस्तेमाल करना दरअसल अतीत को वर्तमान में खींच लाना है। (ग) संसार और मौजूदा चुनौतियों को समझने की हमारी दृष्टि पूर्णतया नहीं बदली है। संविधान सभा की बहसों से हमें यह समझने के तर्क मिल सकते हैं कि कुछ संवैधानिक व्यवहा

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मूल अधिकार
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1 answer asked Feb 11, 2019 in राजनीतिक शास्त्र by anonymous

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मौलिक अधिकार
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को पद से हटाने की विधि
उपर्युक्त सभी
1 answer asked Feb 11, 2019 in राजनीतिक शास्त्र by anonymous
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